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We cannot change the circumstances in which our soul chose to be born, but we can definitely change the circumstances in which we grow.ASTROLOGY, VASTU SASTRA, AURA, AROMA. SHIVYOG,ARTOF LIVING, ISHAYOG,OSHO AND NEWAGE MEDITATION अध्यात्म, ज्योतिष, यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र, वेद, पुराण, इतिहास, गुढ़-रहस्य समस्त समस्या का निराकरण सम्भव नहीं है, मात्र कुछेक समस्या का ही समाधान सम्भव है। Accurate Horoscope Analysis and Remedies for All Problems malhotrasubhashhttp://www.blogger.com/profile/12453811351942282454noreply@blogger.comBlogger3595125
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देवताओं के मंत्र

Sat, 12/08/2012 - 14:17
यहां कुछ ऐसे देवताओं के मंत्र बताए जा रहें हैं। जिनको घर, कार्यालय, सफर में मन ही मन बोलना भी संकटमोचक माना गया है। इन मंत्रों को बोलने के अलावा यथासंभव समय निकालकर साथ ही बताई जा रही पूजा सामग्री संबंधित देवता को जरूर चढ़ाएं -
शिव - पंचाक्षर मंत्र - नम: शिवाय, षडाक्षरी मंत्र ऊँ नम: शिवाय
पूजा सामग्री - जल व बिल्वपत्र।

श्री गणेश - ऊँ गं गणपतये नम:
पूजा सामग्री - दूर्वा, सिंदूर

विष्णु - ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय
पूजा सामग्री - पीले फूल या वस्त्र

महामृंत्युजय मंत्र - ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धि पुष्टिवर्द्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌।
पूजा सामग्री - दूध मिला जल, धतूरा।

श्री हनुमान - ऊँ हं हनुमते नम:
पूजा सामग्री - सिंदूर, गुड़-चना
इन मंत्रों के जप के समय सामान्य पवित्रता का ध्यान रखें। जैसे घर में हो तो देवस्थान में बैठकर, कार्यालय में हो तो पैरों से जूते-चप्पल उतारकर इन मंत्र और देवताओं का ध्यान करें। इससे आप मानसिक बल पाएंगे, जो आपकी ऊर्जा को जरूर बढ़ाने वाले साबित होंगे।
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धन-धान्य

Sat, 12/08/2012 - 14:12
धन-धान्य  हर व्यक्ति चाहता है कि वह सुख-शांतिपूर्ण तरीके से जीवन जीए। कभी धन-धान्य की कमी न हो। इसके लिए वह दिन-रात मेहनत भी करता है। लेकिन इतना सब करने के बाद भी ऐसा नहीं हो पाता जैसा वह चाहता है। कुछ साधारण तांत्रिक उपाय करने पर जीवन को सुखी व शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।
- प्रतिदिन सुबह एक लौटे में पानी लेकर उसमें फूल, कुंकुम व चावल डालकर बरगद के पेड़ की जड़ में डालें तथा गाय को गुड़ व रोटी खिलाएं। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
- सूर्यास्त के समय रोज आधा किलो कच्चे दूध में 9 बूंदें शहद मिलाकर घर के सभी कमरों में छींटे और फिर चौराहे पर जाकर वह दूध रखकर लौट आएं। लौटते समय पीछे पलटकर न देंखे। 21 दिन तक यह टोटका करने से घर में जितनी भी नकारात्मक शक्तियां होती हैं स्वत: ही दूर चली जाती हैं और शांति का अनुभव होता है।
- प्रतिदिन सुबह नहाकर घर के प्रत्येक सदस्य के मस्तक पर चंदन का तिलक लगाने से भी परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं तथा धन-वैभव बढ़ता है।
- किसी भी महीने के कृष्ण पक्ष में शनिवार के दिन नाव की कील से बना लॉकेट गले में धारण करने से समस्त प्रकार के दोषों का नाश हो जाता है तथा समृद्धि में वृद्धि होती है।
- शुक्रवार के दिन पीले कपड़े पर हल्दी की 7 साबूत गंाठ, 7 जनेऊ, 7 लग्नमंडप की सुपारी, गुड़ की 7 डली तथा 7 पीले फूल रखें। इसके पश्चात धूप-दीप से पूजा करें तथा इसे बांधकर तिजोरी या जहां आप पैसे रखते हैं, वहां रख दें। निश्चय ही इस टोटके से धन-धान्य में वृद्धि होगी।
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ग्रह के लिए कौन सी जड़?

Sat, 12/08/2012 - 14:08
किस ग्रह के लिए कौन सी जड़? - यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो और सूर्य के लिए माणिक रत्न एफोर्ड नहीं कर सकते हैं तो, विकल्प के रूप में सूर्य को बल देने के लिए बेलपत्र की जड़ लाल या गुलाबी धागे में रविवार को धारण करें।
- चंद्र के शुभ प्रभाव के लिए सोमवार को सफेद वस्त्र में खिरनी की जड़ सफेद धागे के साथ धारण करें।
- मंगल को बलवान बनाने के लिए अनंत मूल या खेर की जड़ को लाल वस्त्र के साथ लाल धागे में मंगलवार को धारण करें।
- बुधवार के दिन हरे वस्त्र के साथ विधारा (आंधीझाड़ा) की जड़ को हरे धागे में पहनने से बुध देव प्रसन्न होते है।
- गुरु को बल देने के लिए केले की जड़ गुरुवार को पीले धागे में धारण करें।
- गुलर की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेट कर शुक्रवार को सफेद धागे के साथ गले में धारण करने से शुक्र देव प्रसन्न होते हैं।
-शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शमी पेड़ की जड़ को शनिवार के दिन नीले वस्त्र में धारण करना चाहिए।
-राहु को बल देने के लिए सफेद चंदन का टुकड़ा नीले धागे में बुधवार के दिन धारण करें।
- केतु के शुभ प्रभाव के लिए अश्वगंधा की जड़ नीले धागे में गुरुवार के दिन धारण करें।
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बिजनेस सफलता

Sat, 12/08/2012 - 14:04
बिजनेस  सफलता  कारोबार में असफलता का सामना करना पड़ रहा है? कर्ज में डूब रहे हैं। बिजनेस में सिर्फ नुकसान हो रहा हो तो। आप हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं पर कोई फायदा नहीं हो रहा हो तो नीचे लिखे टोटकों को अपनाकर आप बिजनेस में निश्चित सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
- कार्यस्थल पर अधिक से अधिक पीले रंग का प्रयोग करें। पूजाघर में हल्दी की माला लटकाएं। भगवान लक्ष्मी नारायण के मंदिर में लड्डुओं का भोग लगाएं।- शनिवार के दिन रक्तगुंजा के इक्कीस दाने बांधकर तिजोरी में रख दें। हर रोज दीप अवश्य लगाएं।- महीने के प्रथम गुरूवार से इस प्रयोग को शुरू करें नियमित रूप से186 दिन तक इस प्रयोग को करें। रोज पीपल या बरगद के नीचे चौ मुखी दीपक लगाएं। एक पाठ विष्णुसहस्त्रनाम रोज करें।- हर शाम गोधुली बेला में लक्ष्मी जी की तस्वीर के समक्ष गाय के घी का दीपक लगाएं। दीपक जलाने के बाद उसके अंदर अपने इष्ट देव का ध्यान करके एक इलायची डाल दें। इस प्रयोग को नियमित रूप से 186 दिन तक दोहराएं।- मिट्टी के पांच पात्र लेकर उसमें हर पात्र में सवा किलो जौ, सवा किलो उड़द, सवा किलो साबुत मुंग, सवा किलो सफेद तिल, सवा किलो पीली सरसों इन सभी को पांच पात्रों में भरकर पात्र के मुंह को लाल कपड़े से बांध दे। व्यवसायिक स्थल पर इन पांचों कलश को रख दें। एक साल बाद इन सभी पात्रों को अपने ऊपर से उतारकर नदी में प्रवाहित करें।
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Gayatri mantra

Thu, 11/29/2012 - 14:03
Why is the Gayatri mantra japa suggested pre-eminent among mantra chants? Because, any other japa (like Vishnu Sahasranamam, Hanuman Chalisa etc) when done after the Gayatri japa would lead to increased beneficial results. This is a common precept that one has to keep in mind always.
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Vishnu Sahasranama.

Thu, 11/29/2012 - 14:01
Shirdi Sai Baba on VSN<<<<<<<<<<<<<>>>>...


Shirdi Sai baba was a great man, much revered as a Saint who is even worshipped as a divine incarnation in several parts of India. His life and achievements were mentioned in detail in the work Sai Satcharitra.

In chapter 27 of Sai Satcharita there is a reference to Shirdi Sai Baba emphatically advising his disciple to read Vishnu Sahasranama...."Oh Shama, this book is very valuable and efficacious, so I present it to you, you read it. Once I suffered intensely and My heart began to palpitate and My life was in danger. At that critical time, I hugged this book to My heart and then, Shama, what a relief it gave me! I thought that Allah Himself came down and saved Me. So I give this to you, read it slowly, little by little, read daily one name at least and it will do you good.
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COW

Wed, 11/21/2012 - 15:25
  • Cow (Kamadhenu), White Elephant (Iravatha), White Swan and White Eagle find place anywhere in the heaven, and hence are sacred.
     
  • Among the above only Cow is worshipped even in the heaven. The Devas also worship Cow to fulfil their purposes.
     
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Ved Thumb

Wed, 11/21/2012 - 15:12
Ved Thumb
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COW

Wed, 11/21/2012 - 15:06
PADMAPURANA ( Srishthikhand 57 / 156 - 165 )

Complete Vedas, with all their six parts and components, exist in the Mouth of the Cow. In her horns reside Lord Shiva and Lord Vishnu forever. In her stomach lives LorKartikeya, in her head Lord Brahma, in her forehead Lord Mahadev, in the front of the horns Lord Indra, in the eyes the sun and the moon, in the teeth Garuda, in the ears Ashwini Kumara, in the tongue Goddess Saraswati, in her posterior all the pilgrims places, in her urine the river Ganga, in the pores live the sages, in the mouth  resides Yamaraj, still further two Yakshas called Tejaswi  and Mahabali, inside the mouth reside the Gandharvas, inside the nose two snakes, in the hooves dwell the heavenly nymphs.
   

In the cow dung are placed Goddess Laxmi, in her urine the ever auspicious Goddess Parvati, in the front portion of the feet all the heavenly Gods, in the resonant mooing of the cow lives Prajapati, and in the four teats, in the form of milk the four Oceans. The person who touches the cow after having bath daily, frees himself from all kinds of sins. The dust that arises from the cow’s hooves is so pure that, the person who applies it on his head, is considered to have bathed in the sacred waters of different pilgrim places, and freed from all sins.
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बीजमन्त्रों

Wed, 11/21/2012 - 14:51
बीजमन्त्रों से स्वास्थ्य-सुरक्षा

बीजमन्त्र                    लाभ

कं                            मृत्यु के भय का नाश, त्वचारोग व रक्त विकृति में।

ह्रीं                            मधुमेह, हृदय की धड़कन में।

घं                             स्वपनदोष व प्रदररोग में।

भं                             बुखार दूर करने के लिए।

क्लीं                           पागलपन में।

सं                         बवासीर मिटाने के लिए।

वं                             भूख-प्यास रोकने के लिए।

लं                             थकान दूर करने के लिए।
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Navagraha Homa

Wed, 11/21/2012 - 14:34
Navagraha Homa – flaws in the horoscope
This homa has the power to counter flaws in the horoscope and enable a person to prosper in life in case astrological defects are the main blocks to his well-being. The homa is done to worship the nine planets i.e. The Sun, The Moon, The Mars, The Mercury, The Jupiter, The Venus, The Saturn, The Rahu, and The Ketu. Every planet has its own importance. Sun is the king of planets which gives health. Moon is the planet which rules over mind and gives success. Mars or Mangala is the planet which gives prosperity and wealth. Mercury is the planet which gives knowledge, Jupiter gives education, Venus gives the knowledge of art, music etc. Saturn gives happiness and also teaches vairagya. Rahu makes the life stronger. Ketu prospers the family.
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Puja:

Wed, 11/21/2012 - 14:32
Puja: which can be very elaborate like we often see in temples or very simple by just burning incense and offering a fruit or flower. As Krishna says in Bhagavad Gita 9:26
“patram pushpam phalam toyam/ yo me bhaktya prayacchati
tad aham bhakty-upahritam/ ashnami prayatatmanah”
If one offers me with devotion a leaf a flower or some water, I will accept it.
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ग्रह शांति

Thu, 11/15/2012 - 14:58
ग्रह शांति
  1. ॐ नमः जय स्वाहा – दिन में कम से कम एक बार बोलने से सभी कार्य बनते है.
  2. प्रत्येक को अपने घर में कल्पवृक्ष,कामधेनु व चिंतामणि रत्ना का चित्र रखना चाहिए
  3. व्रतियों, महाव्रतियों को आहार करना चाहिए
  4. साकार परमात्मा की उपासना करना चाहिए
  5. प्रतिदिन दान करना चाहिए
  6. अतिथि सेवा
  7. दिन में ब्रहमचर्य का पालन
  8. अवस्त्र स्नान नहीं करना
  9. माता – पिता का आदर करना
  10. कुटुम्बी जनों से बैर न करना
  11. अपनों से बड़ों का आशीर्वाद लेना
  12. व्यसनों का त्याग करना
  13. प्रसन्नचित होकर भोजन करना
  14. सूर्य की ओर मल का त्याग न करना
  15. ऋण चुकाया जाना चाहिए
  16. झूठे बर्तन रात्रि में नहीं छोड़ना चाहिए
  17. टूटे बर्तन, टूटा दर्पण घर में नहीं रखना चाहिए
  18. पिता को दुखी करके धन नहीं लेना
  19. सभी के सुखी जीवन की कामना करना
  20. कृतघ्नी व्यक्ति की कभी दोस्ती न करना
  21. जानवरों को भिजन देना
  22. असहाय की सेवा करना
  23. विकलांगों पर दया करना
  24. अपने माकन में कहीं कच्ची जगह छोड़ देना चाहिए
  25. नैऋत्य कोण में घर के दरवाजे वाले घर का त्याग कर देना चाहिए
  26. घर में कोई छेद न हो
  27. लोभ में आकर चोरी का पात्र धारण न करें
  28. बुआ, बहन, बेटी आदि के लिए उपहार देना चाहिए
    अबला, कन्या, विधवा पर हाथ न उठाएं
    सम्बन्धी से मित्रता का व्यवहार रखें, दुश्मनी न करें
    जहाँ कहीं भी रहते है उस परिवेश में प्रेम पूर्वक व्यवहार करें, उपेक्षा न करें
    व्यक्ति सफाई से रहे
    नाक व कान छिदवाना चाहिए
    कपडे व्यवस्थित पहने
    शाकाहारी वस्तुओं का उपयोग करें
    अपशब्दों का प्रयोग न करें
    सुबह उठते सबसे पहले अपने हाथों की हथेली देखें
    हथेली और तलवे सोने से पहले साफ़ करके सोना चाहिए
    खड़े खड़े पानी न पीयें
    भोजन बनाते बनाते भोजन न करें
    जिस माकन में दरवाजे आवाज़ करते हैं उस घर में न रहे,उसमे तेल लगाकर रहे
    अलमारी व पलंग हिलते न हो
    बीम के नीचे शयन व आसन न हो
    भगवन व गुरु को पीठ देकर बैठने वाले व्यक्ति के गृह दोष निवारण का उपाय कारगर नहीं होता
    धर्मग्रन्थ को अपने से नीचा आसन न दें
    अक्षरों पर पैर नहीं रखना चाहिए
    बंद घडी, टूटी केसेट, सी डी, आदि को घर में नहीं रखना चाहिए
    ईशान दिशा में शौचालय नहीं होना चाहिए
    नैऋत्य कोण में यदि कर्मचारी अथवा अतिथियों का वास है और अग्नि कोण में जल का प्रवास हो तो द्वन्द ही होगा
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Ashok Sundari

Mon, 11/12/2012 - 14:06
Ashok Sundari is a Hindu goddess the daughter of Lord Shiva & Parvati.She is very rarely known as she is not mentioned nor in Vedas & neither in Puranas. She is mainly known in Gujarati folktales & is created when Parvati makes Ganesha. It is said that when Lord Shiva kills Ganesha, Ashok Sundari hides behind bags of salt because she is frightened by her father. When Parvati finds out that her son is dead, she curses Ashok Sundari to melt in salt. However, after cooling down she blesses Ashok Sundari to be reborn in a rich family.Her name can be split : Ashok means 'without sorrow'  (Parvati created Ganesha & Ashok sundari to get rid of her sorrow of missing Mahadev & Kartikeya) & Sundari means 'beautiful girl'. Devon ke Dev ... Mahadev revealed Ashok Sundari to people.
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लक्ष्मी के 18 पुत्र

Mon, 11/12/2012 - 13:02
धन की कामना हो तो लक्ष्मी के 18 पुत्रों का नाम लें
भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र वर्ग कहे गए हैं। इनके नामों का प्रति शुक्रवार जप करने से मनोवांछित धन की प्राप्ति होती है।
- ॐ देवसखाय नम:
- ॐ चिक्लीताय नम:
- ॐ आनन्दाय नम:
- ॐ कर्दमाय नम:
- ॐ श्रीप्रदाय नम:
- ॐ जातवेदाय नम:
- ॐ अनुरागाय नम:
- ॐ सम्वादाय नम:
- ॐ विजयाय नम:
- ॐ वल्लभाय नम:
- ॐ मदाय नम:
- ॐ हर्षाय नम:
- ॐ बलाय नम:
- ॐ तेजसे नम:
- ॐ दमकाय नम:
- ॐ सलिलाय नम:
- ॐ गुग्गुलाय नम:
- ॐ कुरूण्टकाय नम:।
(web dunia)
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मंत्र

Mon, 11/12/2012 - 12:52
विशेष ऋग्वेद का प्रसिद्ध धन प्राप्ति मंत्र इस प्रकार है -


`ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर।
भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्।
आ नो भजस्व राधसि।।´
ऋग्वेद (4/32/20-21)




हे लक्ष्मीपते ! आप दानी हैं, साधारण दानदाता ही नहीं बहुत बड़े दानी हैं।

आप्तजनों से सुना है कि संसार भर से निराश होकर जो याचक आपसे प्रार्थना करता है, उसकी पुकार सुनकर उसे आप आर्थिक कष्टों से मुक्त कर देते हैं - उसकी झोली भर देते हैं। हे भगवान मुझे इस अर्थ संकट से मुक्त कर दो।
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लक्ष्मी की प्रसन्नता

Mon, 11/12/2012 - 12:39
लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए दीपावली के दिन यदि नीचे लिखे कुछ साधारण उपाय किए जाएं तो इसका विशेष फल मिलता है-

- घर पर हमेशा बैठी हुई लक्ष्मी की और व्यापारिक स्थल पर खड़ी हुई लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।

- इस दिन श्रीयंत्र को स्थापित कर गन्ने के रस और अनार के रस से अभिषेक करके लक्ष्मी मंत्रों का जप करें।

- लक्ष्मीजी को गन्ना, अनार, सीताफल अवश्य चढ़ाएं।

- इस दिन पूजा स्थल में एकाक्षी नारियल की स्थापना करें। यह साक्षात लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है। जिस घर में एकाक्षी नारियल की पूजा होती हो, वहां लक्ष्मी का स्थाई वास होता है।

- दीपावली के दिन प्रात:काल सात अनार और नौ सीताफल दान करें।

- दीपावली के दिन गन्ने के पेड़ की जड़ को लाकर लाल कपड़े में बांधकर लाल चंदन लगाकर धन स्थान पर रखें। इससे धन में वृद्धि होगी।

- दीपावली की रात्रि को पीपल के पत्ते पर दीपक जलाकर नदी में प्रवाहित करें। इससे आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

- दीपावली की रात्रि में हात्थाजोड़ी को सिंदूर में भरकर तिजोरी में रखने से धन वृद्धि होती है।






















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दीपावली की रात

Mon, 11/12/2012 - 12:35
अपनी समस्या के समाधान के लिए दीपावली की रात नीचे लिखे टोटके करें-

1- दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के साथ एकाक्षी नारियल की स्थापना कर उसकी पूजन-उपासना करें। इससे धन लाभ होता है साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

2- दूध से बने नैवेद्य मां लक्ष्मी को अति प्रिय हैं। इसलिए उन्हें दूध से निर्मित मिष्ठान जैसे- खीर, रबड़ी आदि का भोग लगाएं। इससे मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

3- दुर्भाग्य के नाश के लिए दीपावली की रात में एक बिजोरा नींबू लेकर मध्यरात्रि के समय किसी चौराहे पर जाएं और वहां उस नींबू को चार भाग में काटकर चारों रास्तों पर फेंक दें।

4- दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के साथ-साथ काली हल्दी का भी पूजन करें और यह काली हल्दी अपने धन स्थान(लॉकर, तिजोरी) आदि में रखें। इससे धन लाभ होगा।

5- धन-समृद्धि के लिए दीपावली की रात में केसर से रंगी नौ कौडिय़ों की भी पूजा करें। पूजन के पश्चात इन कौडिय़ों को पीले कपड़े में बांधकर पूजास्थल पर रखें। ये कौडिय़ां अपने व्यापार स्थल पर रखने से व्यापार में वृद्धि होती है।

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हल्दी

Sat, 11/10/2012 - 11:34
हल्दी

शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी इसीलिए नहीं चढ़ाई

जाती है।जलाधारी पर चढ़ाते हैं हल्दी शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए परंतु जलाधारी पर चढ़ाई

जानी चाहिए। शिवलिंग दो भागों से मिलकर बनी होती है। एक भाग शिवजी का प्रतीक है और दूसरा

हिस्सा माता पार्वती का। शिवलिंग चूंकि पुरुषत्व का प्रतिनिधित्व करता है अत: इस पर हल्दी नहीं

चढ़ाई जाती है। हल्दी स्त्री सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री है और जलाधारी मां पार्वती से संबंधित है अत:

 इस पर हल्दी जाती है।
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पलाश का पेड़!

Fri, 11/09/2012 - 15:11
इलाज है पलाश का पेड़!

कम खर्च में होगा सभी समस्याओं का निदान। चाहे हो आर्थिक समस्या, गंभीर रोगया पाना चाहते हो संतान। यदि आप अपने कुंडली के ग्रहों के दुष्प्रभाव से पीड़ित है तो अवश्य करें ये उपाय।भारतीय पुरातन परम्परा व ज्योतिष शास्त्रों में ग्रहों के दोष निवारण हेतु में पलाश के वृक्ष का भी एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इस वृक्ष का धार्मिक अनुष्ठानों में बहुत अधिक प्रयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पलाश के वृक्ष में सृष्टि के तीन प्रमुख देवता ब्रह्मा, विष्णु, महेश का निवास है। पलाश का उपयोग ग्रहों की शान्ति में किया जाता है। इसलिए यह पेड़ हमारी विभिन्न समस्याओं का समाधान करने में लाभप्रद रहेगा।व्यापार वृद्धि व आर्थिक समस्या निवारण हेतु-
जिस जातक को अधिक परिश्रम करने पर भी व्यापार में सफलता नहीं मिल रही हो, तथा लगातार कर्ज की समस्या बढ़ रही हो। वैसे व्यक्ति शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को पलाश की जड़ लें आएं। इसे स्वच्छ जल से साफ, शुद्ध कर लें उसके पश्चात एक कमरे में सुविधानुसार कोई स्थान चुन कर गंगाजल अथवा गोमूत्र से छींटे मारकर स्वच्छ कर लें तथा एक लकड़ी का पाट पर लाल रेशमी कपड़ा विछाएं।
या पाना चाहते हो संतान। यदि आप अपने कुंडली के ग्रहों के दुष्प्रभाव से पीड़ित है तो अवश्य करें ये उपाय

पाट के बीच में 7 प्रकार अनाज लेकर सभी को मिलाकर एक ढेरी बनाएं। इस पर पलाश की जड़ रखें तथा इसी पर दीपक जलाएं। धूप जलाकर लक्ष्मी जी के किसी भी मन्त्र की 3 या 4 माला का जाप करें। उसके पश्चात अब इस जड़ को एक लाल कपड़े में बांधकर अपने गल्ले या धन रखने के स्थान पर रख दें। मां लक्ष्मी की कृपा से आपकी आर्थिक समस्यायें धीरे-धीरे दूर होकर आर्थिक सम्पन्नता आ जाएगी।


रोग निवारण हेतु-पलाश की जड़ को शुभ मुहूर्त में किसी रविवार के दिन में निकाल लें। इसे एक लाल सूती धागे में लपेट कर दाहिनी भुजा में बांधने से किसी भी प्रकार का ज्वर दूर हो जाता है। 
सन्तान की प्राप्ति हेतु- पलाश का एक ताजा पत्ता 250 ग्राम दूध में उबालकर यदि कोई महिला गर्भधारण के पूर्व से प्रारम्भ कर, गर्भाधारण के दो महीने बाद तक नियमित रूप से सेवन करती है तो उसे पुत्र सन्तान की प्राप्ति होती है। पत्ते को उबालने के बाद निकालकर फेंक दिया जाता है। केवल दूध का ही सेंवन किया जाता है।
ग्रहों के दुष्प्रभाव निवारण हेतु- 
1-जिन व्यक्तियों का सूर्य ग्रह पीडि़त होकर अशुभ फल दे रहा है, वे जातक पलाश की लकड़ी से हवन करें या फिर लकड़ी को अभिमन्त्रित करके चांदी के लाकेट में गले में धारण करें।
2-नवग्रहों के कुप्रभाव से बचने के लिए पलाश के पुष्प, गुलाब के पुष्प अथवा चमेली के पुष्प और तुलसी की पत्तियां स्नान जल में डालकर उस जल से स्नान करना लाभकारी सिद्ध होगा। यह प्रयोग लगातार 42 दिन तक करना चाहिए।
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